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दो लाइन शायरी | Two Lines Shayari

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दो पंक्तियों में हिंदी शायरी. Latest and Short and Trending Two Line Shayari which will help You to bring out your emotions at your best.

 

मैं तुम्हारे जीवन में खुशियां चुन-चुन कर भर दूंगा । तुम देना साथ मेरा , मैं तुम्हें हमेशा प्यार दूंगा ।।
तेरी बेवफाई का जख्म हम मल्हम से कैसे मिटाएं । यहां तो दिल में लगी है चोट , इस दुनिया को कैसे दिखाएं।।

 

अकेले बैठकर बस तुम्हें याद किया करते हैं । तुम नहीं हो पास, फिर भी बात किया करते हैं ।।
सभी ने नाता तोड़ लिया, बस तुझ पर आस लगी थी । लेकिन तुमने भी दिल तोड़ दिया ,क्या यही दिल लगी थी ।।

निशाना दिल पर हुआ और ,पागल हम हुए । तेरी मोहब्बत में जाने वफा ,क्या-क्या सितम हुए ।।

जहां भी गया मैं, तेरी यादें मुझे सताती रही । तुम नहीं करीब फिर भी, नजर क्यों आती रही।।

दुल्हन बनकर किसी और की हो जाओगी तुम । सच बताऊं इस दिल को बहुत रुलाओगे तुम।। मुझे भुला ना तो चाहोगे मगर भुला ना पाओगे । आज तो जला रही हो, कल खुद पछताओगे तुम।।

तुम जहां भी जाओ मुझे भुला ना सकोगे । बेवफा बन कर भी मुझे ,अपने दिल में रखोगे रखोगे रखोगी।।

कैसे भुलाऊंगा नाते इतने करीब का । तोड़ा है दिल तूने, ओ बेवफा इस गरीब का।।

दिल में प्यार लिए मेरी यादों में खोई थी तुम। मैं कुछ दिन मिलने ना आया, यह बताओ कितना रोहित ही तुम।।

सुना था प्यार किस्मत वालों को मिलता है। पर सब झूठे हैं ,यहां तो प्यार दौलत वालों को मिलता है।।

गम का जहर पीकर, दिल से तेरी याद भुलाएॅगे। गे सितम तेरी बेवफाई का, सारी दुनिया को सुनाएंगे।।

मुझे देख कर तुम अपना रास्ता क्यों बदल लेती हो । अगर है नहीं मोहब्बत तो फिर मुस्कुरा क्यों देती हो।।

मैंने सुन लिया अभी जो पल है, क्या जुदा होकर होती हो । अपना गम मुझे भी दो ,क्यों चुप चुप के रोती हो । मुझे मालूम है कि, मेरी ही यादों में तुम सपने सच होती हो। हर पल तो तेरे सामने रहता हूं ,फिर क्यों नाराज होती हो।।

सारी रात जागकर भी, यह आंखें थकती नहीं है । बस इतना है कि तेरी याद में, जान निकलती नहीं है।।

तेरे प्यार में मिला तो, मिला क्या “बेवफाई” । तुम मांगती तो जान दे देता, इतना नाटक क्यों रचाई।।

तुम मिल जाती तो, यह दिल कभी तन्हा ना होता । अगर तुम बेवफा ना होती, तो यह दिल इतना ना रोता।।

मिलने का वादा करके, फिर काहे मिलने नहीं आती हो। सच बताओ सनम, इतना काहे मुझे सताती हो।।

दुल्हन बनकर किसी और की हो जाओगी तुम। सच बताओ बेवफा, मेरे दिल को बहुत रुलाओगे तुम ।।

मिलता नहीं सहारा, किनारे पर धूप है। करके दिल को घायल, बेवफा क्यों चुप है कहां है ।। खुशियां यहां तो, दुख ही दुख है। देखने को तो सनम था, मगर बेवफा रूप है।।

मुझसे दूर ना बैठो, थोड़ा करीब आओ तुम। यह प्यार का मौसम है, जरा सा भी जाओ तुम।।

इस दिल ने तुझे, हर पल मेरे करीब समझा। मगर तूने मुझे सनम नहीं, बस गरीब समझा।।

इस तरह हमसे रुठना अच्छी बात नहीं। जब तक नहीं दोगी फूल अपनी मुलाकात नहीं

यह तो दिल के अरमान है, कुछ दिन में टूट जाएंगे। आज तो जी रही है, कल मर कर कहीं उड़ जाएंगे।।

रुमाल में था मेरा दिल, अंगूठी में थी जान । ठुकराकर इन दोनों को, निकाल दिए मेरे अरमान।।

खुशी जिसने खोजी, वह धन ले के लौटा। हंसी जिसने खोजी, वह चमन ले के लौटा।। मगर प्यार को खोजने जो चला वह। न तन ले के लौटा, ना मन ले के लौटा।।

याद आती हो तुम मुझको, हर दिन हर पल। जहां अकेले पानी लेने आती थी, तुम नल पर।।

दिल की इस मंदिर में, तुम ही तुम छाई हो। खाना-पीना बंद हो गया, इस दिल में जबसे आई हो।।

कागज के पत्थरों पर, नाम तेरा सजाए रहता हूं। तुम रहो पास मेरे, खुदा से यह दुआएं करता हूं।।

कितने बरस बीत गये, पर तुम नजर ना आए। इस पागल दिल से तेरी याद, आखिर कैसे भुलाए।।

फूलों की महक से जाकर, नाम तेरा पूछता हूं। तुम मिलोगी कब, यही आस किए सुबह उठता हूं।।

मैं तुम्हारी हूं ऐसा कहकर क्यों मुझे सुनाती हो। अगर प्यार नहीं करना, तो क्यों मिलने आती हो।।

मेरी जिंदगी का पहला व आखरी मोती हो तुम । मुझे कुछ अच्छा लगता नहीं, जब जुदा होती हो तुम ।। तुम्हारी आंखें मैं छुप कर देखा है मैंने। जब भी मेरी याद आती है, जी भर के रोती हो तुम।।

मुझे देख कर क्यों तुम सजती-संवरती हो। काहे डरती हो दुनिया से प्यार जो करती हो।।।

तेरा मासूम-सा चेहरा, क्यों इतना याद आता है। ना देखूं तुझे तो इस दिल को चैन ना करार आता है।।

वफा के नाम की शिकायत करके तूने बेवफाई की है। मिलने का वादा करके, जिंदगी भर की जुदाई दी है।।

सात फेरों के साथ तेरा बंधन किसी और से होगा। मुझ पर सफेद कफन होगा, तू लाल जोड़े में होगा ।।

इस दिल में तेरा नाम लिख लेने दो। आई हो मिलने तो एक किस देने दो।।

मुझे भुलाकर तुम आखिर किसे पाना चाहती हो। गरीब का प्यार ठुकरा कर अमीर के साथ जाना चाहती हो।। अगर ऐसा है तो छोड़ दो मेरा साथ। रह-रहकर क्यों मेरे दिल दुखाना चाहती हो।।

मेरी दी निशानी को तुम खिलौना समझकर फेंक देती हो।. कसम खाती हो मुझे ना देखने की पर मुड़कर देख लेती हो।।.

मेरे मरने की खबर, तुझे बाद में मिली होगी। इधर मेरी मौत पर रो रहे होंगे, उधर तेरी डोली उठी होगी।।

आंखों के आंसू गिरकर, फरियाद तुझसे करते हैं। ये बेवफा प्यार करके, फिर बर्बाद क्यों करते हैं।।

मर गए कई दीवाने, बेवफाई जो पाई। प्यार के साथ एे खुदा, जुदाई क्यों बनाई।।

फूंक-फूंक कर कदम रखा, फिर भी कंकर लग गया । बेवफाई का ये सितम जो तू हम पर कर गया।।

क्यों रखती हो प्यार को समेट कर, यूं ही तो बिखरा देती हो। कभी तो बुलाती हो करीब और कभी ठुकरा देती हो।।

कोई तो होगा जो मेरे प्यार को कभी समझ सकेगा । दुनिया से छुपा कर मुझे वह अपने दिल में रखेगा ।। तनहाई अब कभी भी मेरे करीब ना होगी। वह सनम मेरी बाहों में हर पल करीब होगा।।

मैं किसी का नहीं, बस तेरा आशिक हूं जाना। वादा जो किया है, उसे जिंदगी भर तो निभाना।।

तुम मुझे चाहती हो या यूं ही दिल बहला रही हो । चाहती हो तो पास आओ, दूर क्यों शर्मा रही हो।।

जगमगाएंगे जब दीप तो हर बार तुम याद आओगी। सारे अरमां बिखर जाएंगे जब किसी के साथ जाओगी।।

मेरा ये दिल हर पल, तुझे चाहता है क्यों । सपनों में आने वाले, नींदों को उड़ाता है क्यों।।

मेरे दिल में रहने वाली ऐ है हंसी से ख्वाब हो तुम। प्यारी सी तेरी आंखें हैं एक अधखुला गुलाब हो तुम।।

मेरा खत ना फेंकू, कहीं मेरा दिल टूट जाएगा । जरा खत को पढ़कर देखो, आपका दिल उड़ जाएगा।।

देखकर तुझे हम, सजते-संवरते रहे। तुझे क्या पता बेवफा, हम कितना मोहब्बत करते रहे ।। अब जियंगे कैसे, यही सोचकर रो लेते हैं। तेरी बेवफाई का जहर, आसुओं से धो लेते हैं।।

छोड़कर जाने वाली, कभी तुमने भी प्यार किया था। सुनी सड़क पर कभी, मेरा भी इंतजार किया था।।

मेरा दिल तोड़कर और किसका दिल सजाओगी । मुझे देखकर अकेला, इक दिन बहुत पछताओगी ।।

किसी और से बातें करके, क्यों मेरे दिल जलाती हो । गम तो तूने दे दिए हैं, अब क्यों मिलने आती हो।।

जब भी तू याद आता है, जख्म उभर जाता है। दिल तो रोता ही है पर, आंखों में आंसू भी भर आता है।।

जा तो रहे हो दूर मगर लौट कर आओगे। इस जुदाई में भी तुम मुझे, अपने करीब पाओगे।।

लाख छुपाओ प्यार, मगर छुपा ना पाओगी। जितना चाहोगी दूर रहना, उतना करीब तुम आओगी।।

मैं गुजरा राहों से तो, तुम नजर आ गए। मुझे देखकर तुम थोड़ा शर्म आ गए।। मैं कहूं भी तो क्या कहूं, मैं कह ना सका। मैंने किया हाथ तुम्हारी तरफ, तुम बाहों में आ गए।।

दिल के अरमान कुछ पल में बिखर गए हैं। जीवन भर का साथ निभाने वाले पल भर में बिछड़ गए हैं।

नजरें ताकता रहा तेरी राहों में, पर तुम ना आए। अच्छा लगता नहीं तुम्हारे बिना, कोई इसको समझाए।।

मेरी आंखो के आंसू बहकर कुछ सुनाते हैं। मोहब्बत के ये रिश्ते जुड़कर क्यों टूट जाते हैं।।

मुझसे नजरें आखिर तुम, चुराती हो क्यों। है प्यार दिल में तो, छुपाती हो क्यों ।।

पहली बार देखा उसे, तो उड़ गए दिल के होश । प्यारी सी थी उसकी आंखें, नाजुक थे उसके होंठं।।

मेरे इस दिल ने आज तुझे सनम पुकारा है । इस दिल पर और कुछ नहीं, बस नाम तुम्हारा है।।

कैसे बताएं तुझे कि हम, तुम्हें कब से चाहने लगे ।अपने आपको खुद दर्पण में संवारने लगे।। किसी ने हंसकर मेरा मजाक उड़ाया सनम । तेरे प्यार में जानेवफा, पागल कहलाने लगे।।