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नकलची कौवा | Hindi Story

jokes-junction-story-71 दिन कौवे ने देखा कि एक चील तेजी से नीचे की ओर आए और झपट्टा मारकर एक छोटे से खरगोश को पंजे में दबाकर सीधे ऊंची चोटी पर लगे एक पेड़ पर जा बैठी । कितना बढ़िया व आसान तरीका है शिकार पकड़ने का।’ कौवा ने सोचा,’ मुझे भी ऐसा ही करना चाहिए ।’ कौवे ने देखा कि एक अन्य छोटा खरगोश कुछ दूरी पर खड़ा नरम घास खा रहा था चील की नकल करने के चक्कर में कौवे ने भी ऊंची उड़ान भरी और तेजी से नीचे की ओर आया तथा खरगोश पर झपट्टा लेकिन खरगोश काफी भारी था कौवा उसे उठा नहीं पाया। कौवा कौवा की पंजी खरगोश की मुलायम खाल में धंसकर फंस गए वह इस हालत में उड़ भी नहीं सकता था । तभी चरवाहा वहां आ पहुंचा । उसने कौवे के पंख को तोड़ दिए और घर ले जाकर बच्चों को दिखाते हुए बोला ,”देखो, यह होता है बिना सोचे समझे दूसरों की नकल करने का नतीजा।”